पीछे हटने को तैयार नहीं चीन, तीसरी फ्लैग मीटिंग भी बेनतीजा

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की घुसपैठ और जिद के कारण तनाव बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच बातचीत से समाधान का रास्ता निकालने की कड़ी में मंगलवार को हुई तीसरी फ्लैग मीटिंग भी नाकाम रही। भारत ने चीन की ओर से लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी [डीबीओ] क्षेत्र से अपने फौजी तंबू हटाने के लिए रखी गई शर्तो को खारिज कर दिया है। दोनों मुल्कों के बीच मई दिवस पर होने वाली बॉर्डर पर्सनल मीटिंग भी खटाई में पड़ गई है। रक्षा मंत्री ने सेना प्रमुखों व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ हालात की समीक्षा की है।30_04_2013-30indochina

सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को लद्दाख के चुशूल में करीब चार घंटे तक चली फ्लैग मीटिंग में भी कोई समाधान नहीं निकल पाया। भारतीय हद में 19 किमी भीतर ढिढाई के साथ जमा चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के नजदीक डीबीओ की हवाई पंट्टी समेत भारत के रणनीतिक ढांचागत निर्माण को हटाने की शर्त रख रहा है। भारत ने चीन की इस मांग को खारिज कर दिया है। भारत यह स्पष्ट कर चुका है कि चीन को अपने फौजी तंबू हटाकर 15 अप्रैल से पहले की स्थिति में लौटना होगा। भारत इसे दोनों देशों के बीच 2005 में सैन्य क्षेत्र में विश्वास निर्माण उपायों पर हुए समझौते का उल्लंघन करार दे रहा है। उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के बीच चार हजार किमी से लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ा इलाका ऐसा है जिस पर दोनों मुल्कों के मतभेद हैं। दोनों पक्ष अपनी धारणा के आधार पर इसका निर्धारण करते हैं।

सूत्रों के अनुसार बीते 15 दिन से जारी गतिरोध के चलते 1 मई को होने वाली बॉर्डर पर्सनल मीटिंग के भी अब होने की संभावना नहीं है। इस बीच, रक्षा मंत्री ने मंगलवार शाम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, सेनाप्रमुख जनरल बिक्रम सिंह, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन और नौसेनाध्यक्ष एडमिरल डीके जोशी समेत आला अधिकारियों के साथ रक्षा स्थिति की समीक्षा की। इससे पहले रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं के आला कमांडरों के साथ बैठक में कहा कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर रिश्ते डांवाडोल होते हैं। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी सीमा पर सड़क व अग्रिम इलाके में हवाई पंिट्टयों के निर्माण पर आगे बढ़ता रहेगा।

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मतभेद के कारण भारत और चीनी सैनिक गश्त करते हुए सीमा की अलग-अलग धारणाओं के मुताबिक कई बार आमने-सामने आ जाते हैं। हालांकि 1996 से शांत इस सीमा पर टकराव टालने के लिए बनी व्यवस्था के तहत बैनर दिखाकर लौट जाते हैं। लेकिन, यह पहली बार हुआ है कि चीनी सैनिक भारतीय हद में 19 किमी भीतर अपने तंबू लगाकर जमे हुए हैं। महत्वपूर्ण है कि चीन सरकार लगातार दोहरा रही है कि उसके सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा को नहीं लांघा है। लद्दाख के दिपसांग क्षेत्र के राकी नाला क्षेत्र में गत एक पखवाड़े से दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने की स्थिति में जमे हैं।

source-Danik Jagran

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